ख्वाहिशें इतनी तो नहीं थी, जो पूरी ना हो सकें।
मंजिलें दूर तो नहीं थी, जहाँ पंहुचा ना जा सकें।राहें खाली थी,कई मोड़ थे ज़िन्दगी के,
सोचा था के, तू साथ होगा मेरे, मौला।
अब तक तो संभाला था, दर्द जो तूने दिया,
अब संभलता नहीं, आ ले जा तू दर्द अपना।
मुझे भी हक़ है तेरी तरह जीने का,
सोचा था के, तू साथ रहेगा मेरे, मौला।
खुदा तू है पर, खुदाई तेरे बस में नहीं,
मैं यकीन तुझ पर करू कैसे, तू जो मेरे साथ नहीं,
फ़ासले बढे है और ख़ामोशी है छाई,
सोचा था के, रास्ते कभी अलग ना होंगे तेरे-मेरे, मौला।
ख्वाहिशें इतनी तो नहीं थी, जो पूरी ना हो सकें।
मंजिलें दूर तो नहीं थी, जहाँ पंहुचा ना जा सकें।
--विनीत आर्य
अर्थ:
मौला = God, Beloved




